राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएं - Online MCQ Practice Set
व्याख्या: सीकर जिले में कांतली नदी के उद्गम पर स्थित गणेश्वर सभ्यता को भारत में ताम्रयुगीन संस्कृतियों की जननी माना जाता है। यहाँ से अत्यधिक मात्रा में तांबे के उपकरण मिले हैं।
व्याख्या: हनुमानगढ़ जिले में घग्घर (सरस्वती) नदी के किनारे स्थित कालीबंगा से प्राक्-हड़प्पा काल के जुते हुए खेत और विश्व के सबसे प्राचीन भूकंप के साक्ष्य मिले हैं।
व्याख्या: उदयपुर में आयड़ (बेड़च) नदी के किनारे स्थित आहड़ सभ्यता को स्थानीय भाषा में 'धूलकोट' (मलबे का ढेर) और 10वीं-11वीं शताब्दी में 'आघाटपुर' या 'आघाटदुर्ग' कहा जाता था।
व्याख्या: जयपुर (कोटपुतली-बहरोड़) में स्थित प्राचीन मत्स्य जनपद की राजधानी 'विराटनगर' (बैराठ) की बीजक पहाड़ी से 1837 ई. में कैप्टन बर्ट ने अशोक का भाब्रू शिलालेख खोजा था, जो बौद्ध धर्म की पुष्टि करता है।
व्याख्या: बागोर मध्यपाषाण कालीन स्थल है जहाँ भारत में सबसे प्राचीन पशुपालन के साक्ष्य मिले हैं। इसे आदिम संस्कृति का शस्त्रागार या संग्रहालय भी कहते हैं।
व्याख्या: प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. दशरथ शर्मा ने कालीबंगा के महत्व और इसकी विस्तृत नगर व्यवस्था को देखते हुए इसे सिंधु घाटी सभ्यता की तीसरी राजधानी बताया था।
व्याख्या: उत्खनन में मिले साक्ष्यों के आधार पर यह प्रमाणित हुआ है कि आहड़ सभ्यता के लोग चावल की खेती और उसके उपभोग से अच्छी तरह परिचित थे।
व्याख्या: आहड़ से मिट्टी का बना एक सांड (Bull) मिला है, जिसे इतिहासकारों ने बनास नदी घाटी क्षेत्र की विशिष्ट कला होने के कारण 'बनासीयन बुल' नाम दिया है।
व्याख्या: सूती वस्त्र के टुकड़े राजस्थान में केवल दो स्थानों से मिले हैं: पहला बैराठ (विराटनगर) से और दूसरा उदयपुर के बालाथल सभ्यता स्थल से।
व्याख्या: नाम 'जोधपुरा' होने के कारण लोग भ्रमित होते हैं, लेकिन यह साबी नदी के किनारे जयपुर (वर्तमान में कोटपुतली-बहरोड़ जिला) में स्थित एक लौहयुगीन सभ्यता स्थल है।
व्याख्या: भीनमाल (जालौर) के उत्खनन में विदेशी व्यापार के साक्ष्य के रूप में रोमन सुरापात्र (Amphora) और यूनानी दुहत्थी सुराही मिली है, जो इसके अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों को दर्शाती है।
व्याख्या: आहड़ सभ्यता के मकान मुख्य रूप से पत्थरों और धूप में सुखाए गए कच्चे गारे/ईंटों से बने थे, यहाँ पकी हुई ईंटों का प्रचुर प्रयोग नहीं देखा गया (गिलूण्ड में पकी ईंटें मिली हैं)।
व्याख्या: बूंदी के छाजा नदी के तट पर स्थित 'गरदड़ा' गाँव से देश की पहली 'बर्ड राइडर रॉक पेंटिंग' मिली है, जो प्रागैतिहासिक काल की है।
व्याख्या: बीकानेर में स्थित सोथी सभ्यता के अवशेष कालीबंगा के समान पुराने होने के कारण अमलानन्द घोष ने इसे 'प्रथम कालीबंगा' (Kalibanga-I) का नाम दिया था।
व्याख्या: उदयपुर की वल्लभनगर तहसील में स्थित ताम्रपाषाणिक बालाथल सभ्यता का उत्खनन वर्ष 1993 में प्रो. वी. एन. मिश्रा के नेतृत्व में किया गया था। यहाँ से 11 कमरों का एक विशाल भवन/दुर्ग जैसा ढांचा मिला है।